कृष्ण कहते हैं — देवता-उपासकों को फल मिलता है, लेकिन वह फल सीमित है। जो देवताओं को पूजते हैं वे देवताओं के लोक को जाते हैं। और मेरे भक्त मुझे आते हैं।
'अल्पमेधसाम्' शब्द कठोर नहीं है। इसका अर्थ है — जो दूर का नहीं सोचता, केवल तत्काल फल के लिए पूजता है। जैसे एक बच्चा केवल आज की मिठाई के लिए काम करे, दूसरा दीर्घकालीन लक्ष्य के लिए।
यह श्लोक किसी देवता की निंदा नहीं करता। यह गंतव्य का अंतर बताता है — सीमित और असीमित।