6.11 में आसन तैयार किया। 6.12 में बैठकर क्या करना है — वह बताया। मन को एक जगह लाओ, इन्द्रियों की भागदौड़ रोको, और योग करो — लेकिन किसलिए? आत्मविशुद्धि के लिए — अपनी आत्मा को साफ करने के लिए।
यहाँ 'आत्मविशुद्धि' शब्द महत्वपूर्ण है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नहीं — यह भीतर की सफाई के लिए है। जैसे हम रोज़ाना नहाकर बाहर साफ होते हैं, ध्यान से भीतर साफ होते हैं।