यह श्लोक बड़ी आशा देने वाला है। कृष्ण कहते हैं — यदि तुम सब पापियों में सबसे बड़े पापी भी हो, तो भी ज्ञान की नाव से सारी दुर्गमता पार कर जाओगे। यह वैसे ही है जैसे कितना भी गहरा अँधेरा हो, एक छोटा दीया उसे चीर देता है।
ज्ञान सबसे बड़ा शुद्धिकर्ता है। पिछले कर्म कितने भी हों — ज्ञान होने पर वे बोझ नहीं रहते।