यहाँ तीन उपमाएँ दी गई हैं — धुएँ से आग, मैल से दर्पण, झिल्ली से गर्भ। तीनों में एक चीज़ दूसरी को ढक देती है। वैसे ही काम ज्ञान को ढक देता है।
यह बहुत सुंदर उपमा है। ज्ञान नष्ट नहीं होता — वह आत्मा में है — पर काम उसे दिखने नहीं देता। जैसे धुएँ में आग बुझी नहीं, पर दिखती नहीं — वैसे ज्ञान ढका रहता है।