कृष्ण का यह श्लोक बहुत सीधा और शक्तिशाली है। वे कहते हैं — या तो मारे जाओगे और स्वर्ग पाओगे, या जीतोगे और पृथ्वी का राज्य भोगोगे। इसलिए हे कौन्तेय, निश्चय करके उठो और युद्ध करो। दोनों ही परिणाम लाभकारी हैं।
यह तर्क बहुत व्यावहारिक है। जब हर रास्ता अच्छा हो, तो डर किस बात का? कृष्ण अर्जुन को यही दिखाना चाहते हैं — कर्तव्य-पथ पर चलने में घाटा नहीं, केवल लाभ है।