भगवान कहते हैं — जो व्यक्ति इस परम गुह्य ज्ञान को मेरे भक्तों में सुनाएगा — वह मुझमें परम भक्ति करके मुझे ही पाएगा — इसमें संदेह नहीं।
गीता-प्रचार को स्वयं भगवान ने यहाँ आशीर्वाद दिया है। जो इस ज्ञान को पात्र लोगों तक पहुँचाए — वह भी मुक्त होता है।
भगवान कहते हैं — जो व्यक्ति इस परम गुह्य ज्ञान को मेरे भक्तों में सुनाएगा — वह मुझमें परम भक्ति करके मुझे ही पाएगा — इसमें संदेह नहीं।
गीता-प्रचार को स्वयं भगवान ने यहाँ आशीर्वाद दिया है। जो इस ज्ञान को पात्र लोगों तक पहुँचाए — वह भी मुक्त होता है।
यह श्लोक गुरु-परंपरा का आधार है। ज्ञान को आगे बढ़ाना — यह भी एक महान कर्म है।
'असंशयः' — बिना संदेह। भगवान यहाँ कोई शर्त नहीं रखते। जो सुनाए — वह पाए। यह सरल नियम है।