भगवान एक बड़ी शिक्षा देते हैं — जिस परमात्मा से सब प्राणियों की उत्पत्ति होती है, जो सब में व्याप्त है — उसी की पूजा अपने कर्म के माध्यम से करो। इसी से सिद्धि मिलती है।
यह गीता का सबसे व्यापक उपदेश है — पूजा केवल मंदिर में नहीं होती। जो किसान खेत जोतता है ईमानदारी से, जो माँ बच्चे की देखभाल करती है प्रेम से — वे भी परमात्मा की पूजा कर रहे हैं।