तामस कर्ता में सात लक्षण गिनाए गए हैं — असंयत, संकीर्ण बुद्धि, हठी, कपटी, दुष्ट, उदास, और काम टालने वाला। यह व्यक्ति न स्वयं आगे बढ़ पाता है, न दूसरों को बढ़ने देता है।
'दीर्घसूत्री' — लंबे सूत्र वाला — यानी जो हर काम को खींचता-टालता रहता है। आज का काम कल, कल का काम परसों — यह तामस कर्ता की पहचान है।