तामस ज्ञान वह है जो एक छोटी-सी चीज में आसक्त हो जाए और उसे ही सब कुछ माने। वह न कारण देखता है, न तत्त्व जानता है। यह बहुत संकीर्ण और तुच्छ ज्ञान है।
जैसे कोई केवल अपने घर, अपने परिवार, अपने स्वार्थ को ही सब कुछ माने — आगे कुछ न सोचे, पूछे नहीं, जिज्ञासा न हो — यह तामस ज्ञान की झलक है।