यह श्लोक एक सुंदर क्रम बताता है। अभ्यास से ज्ञान अच्छा है। ज्ञान से ध्यान विशेष है। ध्यान से कर्म-फल-त्याग उत्तम है। और त्याग से — सीधे शांति आती है, कोई देर नहीं।
यह जैसे एक सीढ़ी है। पर हर सीढ़ी का अपना मूल्य है। और सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँचने पर शांति तुरंत मिलती है — 'अनन्तरम्' यानी उसके ठीक बाद। जैसे जब बच्चा परीक्षा की चिंता छोड़ देता है, तो नींद तुरंत आ जाती है।