अर्जुन कहते हैं — हे कृष्ण, आपने मुझ पर कृपा करके जो परम गोपनीय अध्यात्म ज्ञान सुनाया, उसे सुनकर मेरा मोह दूर हो गया। जैसे घने बादल हटने पर सूरज दिखने लगता है, वैसे ही उपदेश से मन का अँधेरा छँट गया।
यह श्लोक अर्जुन की कृतज्ञता का भाव व्यक्त करता है। अध्याय दस में कृष्ण ने अपनी विभूतियों का वर्णन किया था। अब अर्जुन उस उपदेश का असर बता रहे हैं।