यह एक सार्वभौमिक सूत्र है। जो भी विभूतिमान है, जो भी श्रीमान है, जो भी शक्तिशाली है — वह सब मेरे तेज के एक अंश से है। कृष्ण पूरी विभूति-सूची को एक वाक्य में समेट देते हैं। उदाहरण याद नहीं रहे तो भी यह एक वाक्य याद रखो।
इस दृष्टि से जीना बहुत बदल देता है। जब कोई पेड़ खिलते देखो — परमात्मा का तेज देखो। जब कोई बच्चा हँसे — परमात्मा का तेज देखो। जब कोई बुजुर्ग समझदारी से बोले — परमात्मा का तेज देखो। यह विभूतियोग की साधना है।