वज्र — इंद्र का अस्त्र, दधीचि ऋषि की हड्डियों से बना। यह सबसे शक्तिशाली अस्त्र माना गया है। कामधेनु — वह दिव्य गाय जो सब मनोकामनाएँ पूर्ण करती है। इन दोनों में — शक्ति और करुणा — दोनों रूपों में परमात्मा हैं।
कंदर्प — कामदेव। यहाँ कृष्ण कहते हैं — प्रजनन में मैं कंदर्प हूँ। यह सृजन की शक्ति है — जो नई पीढ़ी को लाती है। गीता इसे भी परमात्मा की विभूति मानती है। सृष्टि का हर रूप — विनाश भी, सृजन भी — उसी एक से है।