ग्यारह रुद्रों में शंकर सबसे प्रमुख हैं। यहाँ कृष्ण कह रहे हैं — रुद्रों में मैं शंकर हूँ। यह बात बहुत सुंदर है — विष्णु-स्वरूप कृष्ण, शिव को अपनी विभूति बता रहे हैं। गीता में कोई देव छोटा नहीं — सब एक ही तत्व के रूप हैं।
मेरु पर्वत — यह पुराणों में सृष्टि का केंद्र माना जाता है। यक्षों में कुबेर, वसुओं में अग्नि — हर वर्ग में जो सबसे प्रमुख है, वही कृष्ण की विभूति है। यह दृष्टि मिल जाए तो हर श्रेष्ठ चीज में परमात्मा दिखने लगता है।