पिछले श्लोक के प्रश्नों को आगे बढ़ाते हुए अर्जुन दो और प्रश्न पूछते हैं। पहला — इस शरीर में अधियज्ञ कौन है और कैसे है? दूसरा — मृत्यु के समय संयमी लोग आपको कैसे जान सकते हैं?
यह प्रश्न बहुत गहरा है। अर्जुन जानना चाहते हैं कि जब प्राण निकलने का समय आए, तब भगवान को कैसे याद करें? यह ऐसा प्रश्न है जो हर भक्त के मन में उठता है — अंतिम समय में भगवान से कैसे जुड़ें?
जैसे परीक्षा से पहले बच्चा अपने गुरु से पूछता है कि सबसे ज़रूरी बात क्या याद रखूँ — वैसे ही अर्जुन कृष्ण से जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा (मृत्यु) के बारे में पूछ रहे हैं।