कृष्ण काल (समय) की विशालता बता रहे हैं। ब्रह्मा का एक दिन एक हज़ार चतुर्युगों (सत्य, त्रेता, द्वापर, कलि) के बराबर होता है, और उनकी एक रात भी उतनी ही लंबी होती है। जो लोग इस बात को जानते हैं, वे ही दिन-रात के सच्चे ज्ञाता हैं।
यह सोचिए — हमारा एक दिन 24 घंटे का होता है। लेकिन ब्रह्मा का एक दिन अरबों वर्षों का है! यह बात सुनकर मन विस्मय से भर जाता है। जैसे एक चींटी के लिए एक बगीचा पूरी दुनिया है, वैसे ही हमारे लिए जो अनंत काल लगता है, वह ब्रह्मा के लिए एक दिन मात्र है।
यह श्लोक बताता है कि काल कितना विशाल है और ब्रह्मलोक भी इसी काल-चक्र में बंधा है — इसलिए सच्ची मुक्ति काल से परे, भगवान के पास ही है।