6.41 में एक विकल्प था — शुद्ध और समृद्ध कुल में जन्म। यहाँ दूसरा — और ऊँचा — विकल्प है। ज्ञानवान योगियों के कुल में जन्म। कृष्ण कहते हैं — यह तो और भी दुर्लभ है। ऐसे घर में जन्म लेना जहाँ साधना का वातावरण हो — यह बहुत बड़ी बात है।
सोचो — जहाँ जन्म से ही ध्यान, सत्संग, शास्त्र-पाठ का माहौल हो — वहाँ बच्चा स्वाभाविक रूप से साधना में लगेगा। यह पिछले जन्म के योग-संस्कारों का फल है। एक तरह से साधना वहाँ से शुरू होती है जहाँ पिछले जन्म में छूटी थी।