6.16 में कहा था — अति मत करो। 6.17 में बताया — सही मात्रा में करो तो क्या होगा। जो आहार-विहार में संयम रखे, काम में उचित परिश्रम करे, नींद और जागरण में संतुलन रखे — उसका योग दुख को नाश करता है।
यह तीन चीजें हैं — खाना-पीना, काम-काज, नींद। तीनों में जब मध्यम मार्ग हो, तब जीवन में स्थिरता आती है। और जब जीवन स्थिर हो, तब ध्यान लगता है। ध्यान लगे तो दुख कम होते जाते हैं।