कृष्ण ध्यान के लिए आसन की विधि बताते हैं। पहले स्वच्छ जगह चुनो। फिर वहाँ कुशा घास बिछाओ, उसके ऊपर मृगचर्म, उसके ऊपर कपड़ा। आसन न बहुत ऊँचा हो, न बहुत नीचा।
यह व्यावहारिक निर्देश है। बहुत ऊँचे आसन पर बैठने से मन में अहंकार आता है, बहुत नीचे पर बैठने से एकाग्रता नहीं होती। सादगी से बनाया आसन मन को स्थिर रखने में सहायक होता है।