कृष्ण कहते हैं — सर्वव्यापी परमात्मा किसी का पाप नहीं लेते, किसी का पुण्य भी नहीं। वे निर्लिप्त हैं। तो फिर प्राणी इतना क्यों भटकते हैं? क्योंकि ज्ञान अज्ञान से ढका हुआ है।
जैसे बादल सूर्य को नहीं ढकता — सूर्य तो वैसे ही चमकता रहता है। पर जब घने बादल आते हैं तो हमें सूर्य दिखता नहीं। ऐसे ही अज्ञान ज्ञान को ढक लेता है — और हम भटकते हैं।