अब कृष्ण उपाय बताते हैं। काम का पहला घर इंद्रियाँ हैं — इसलिए पहले इंद्रियों को नियंत्रित करो। यह साधना का पहला कदम है।
'ज्ञानविज्ञाननाशनम्' — ज्ञान और विज्ञान दोनों का नाश करने वाले काम को मारो। यहाँ 'विज्ञान' का अर्थ है — अनुभव-जन्य ज्ञान, साक्षात्कार। काम इन दोनों को नष्ट करता है।