कृष्ण यहाँ एक ऐतिहासिक उदाहरण देते हैं — जनक। जनक एक राजा थे जो ज्ञानी भी थे। उन्होंने राज्य छोड़ा नहीं, कर्म के साथ ही सिद्धि प्राप्त की। यह बताता है कि गृहस्थ जीवन में भी मोक्ष संभव है।
'लोकसंग्रह' — यानी समाज को एकसूत्र में बाँधे रखना, उसकी भलाई करना। यह कर्म का एक और बड़ा कारण है। केवल अपने लिए नहीं, समाज के लिए भी कर्म करना जरूरी है।