कृष्ण एक बहुत गहरी उपमा देते हैं — जो सब प्राणियों के लिए रात है, उसमें संयमी जागता है; और जिसमें सब प्राणी जागते हैं — वह देखने वाले मुनि के लिए रात है। आत्म-तत्व की जागृति वह है जिसे सांसारिक लोग नहीं जानते।
आसान शब्दों में — सांसारिक लोगों का 'जागना' भौतिक वस्तुओं में है; ज्ञानी का 'जागना' आत्मा में है। जो सांसारिक लोगों के लिए अँधेरा है (आत्म-ज्ञान) — उसमें ज्ञानी जागता है। और जो सांसारिक लोगों के लिए प्रकाश है (भोग-विलास) — वह ज्ञानी के लिए जैसे रात है।