अब अर्जुन एक बहुत सुंदर प्रश्न पूछते हैं — हे केशव, जो स्थितप्रज्ञ है, जिसकी बुद्धि स्थिर है, उसकी क्या पहचान है? वह कैसे बोलता है, कैसे बैठता है, कैसे चलता है?
अर्जुन का प्रश्न बहुत व्यावहारिक है — वे केवल सिद्धांत नहीं, व्यवहार जानना चाहते हैं। ज्ञानी व्यक्ति दिखता कैसा है? उसका रोज़मर्रा का जीवन कैसा होता है?
इस प्रश्न के उत्तर में कृष्ण 2.55 से 2.72 तक स्थितप्रज्ञ के लक्षण बताते हैं — यह गीता के सबसे प्रसिद्ध अंशों में से एक है।