कृष्ण यहाँ एक संधि-बिंदु पर खड़े हैं। वे कहते हैं — यह बुद्धि तुम्हें सांख्य (ज्ञान-मार्ग) के संदर्भ में बताई। अब योग में इसे सुनो — जिस बुद्धि से युक्त होने पर तुम कर्म-बंधन को छोड़ दोगे।
सांख्य और योग — ये दो मार्ग हैं जिन्हें कृष्ण गीता में प्रस्तुत करते हैं। सांख्य है ज्ञान का मार्ग — यह जानना कि आत्मा क्या है। योग है कर्म का मार्ग — इस ज्ञान के आधार पर कर्म करने की कला।