कृष्ण आत्मा संबंधी उपदेश का निष्कर्ष देते हुए कहते हैं — हे भारत, सभी प्राणियों के शरीर में यह देही (आत्मा) सदा अवध्य है — इसलिए तुम्हें किसी भी प्राणी के लिए शोक करना उचित नहीं। यह आत्मा के अध्याय का समापन बिंदु है।
यह 'सर्वाणि भूतानि' — सभी प्राणियों में — बहुत व्यापक है। केवल मनुष्यों में नहीं, बल्कि पशु-पक्षी सहित सब जीवों में वही आत्मा है। इसीलिए किसी के मरने पर शोक का कारण नहीं — आत्मा तो है ही।