कृष्ण कह रहे हैं कि ऐसा मत सोचो कि मैं पहले नहीं था, या तुम पहले नहीं थे, या ये सब राजा पहले नहीं थे। हम सब पहले भी थे और आगे भी रहेंगे। आत्मा का अस्तित्व शाश्वत है।
जैसे नदी का पानी बहता रहता है — कभी यहाँ है, कभी वहाँ — लेकिन नदी सदा रहती है। वैसे ही शरीर बदलते हैं, लेकिन आत्मा सदा रहती है।
यह श्लोक अर्जुन के शोक का सीधा उत्तर है — जिनके मरने से तुम डरते हो, वे मर ही नहीं सकते। उनकी आत्मा अमर है।