भगवान कहते हैं — यदि अहंकार के कारण तुम सोचते हो कि 'नहीं लड़ूँगा' — यह संकल्प मिथ्या है। तुम्हारी प्रकृति — तुम्हारा क्षत्रिय स्वभाव — तुम्हें विवश कर देगी।
यह बहुत गहरा सत्य है। हम जो सोचते हैं 'मैं ऐसा नहीं करूँगा' — अक्सर हमारा स्वभाव हमें वहीं ले जाता है। प्रकृति से बड़ा कोई नहीं।