भगवान कहते हैं — मुझमें चित्त लगाकर, मेरी कृपा से तुम सब बाधाओं को पार कर जाओगे। पर यदि अहंकार के कारण नहीं सुनोगे — तो नाश होगा।
यह श्लोक दो रास्ते दिखाता है — शरण में जाओ, पार उतरो; या अहंकार में रहो, और डूब जाओ। भगवान का प्रेम भी है और सत्य का स्पष्ट कथन भी।