भगवान कहते हैं — अपने-अपने कर्म में तत्पर रहने वाला मनुष्य सिद्धि प्राप्त करता है। और वह सिद्धि कैसे मिलती है — वह भी सुनो।
यह शिक्षा बहुत व्यावहारिक है। हर काम महान है जब वह पूरी तत्परता से किया जाए। किसान, कारीगर, शिक्षक — सब अपने काम में पूर्ण होकर सिद्धि पा सकते हैं।