राजस बुद्धि वह है जो धर्म-अधर्म और करने-न करने योग्य को ठीक से नहीं जानती — यानी यह सब जानती तो है, पर गलत-सलत ढंग से। उसकी समझ अधूरी और भ्रामक होती है।
राजस बुद्धि वाला व्यक्ति 'जानता' है — पर वह ज्ञान पूरी तरह विश्वसनीय नहीं। कभी-कभी सही, कभी-कभी गलत। इसीलिए उसके निर्णय कभी सटीक नहीं होते।