भगवान कहते हैं — जो लोग फल की चाहत के साथ कर्म करते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद तीन में से एक फल मिलता है — अनचाहा, चाहा हुआ, या मिला-जुला। ये तीनों फल उन्हें बाँधते हैं।
पर जो सच्चे त्यागी हैं — जिन्होंने फल की इच्छा ही छोड़ दी — उन्हें मृत्यु के बाद किसी प्रकार का कर्म-फल नहीं मिलता। वे मुक्त हैं।