भगवान कहते हैं — सत्त्वगुण से ज्ञान उत्पन्न होता है, रजोगुण से लोभ उत्पन्न होता है, और तमोगुण से प्रमाद (लापरवाही), मोह (भ्रम) और अज्ञान उत्पन्न होते हैं।
यह बहुत स्पष्ट सारांश है। यदि आप अपने मन को देखें तो पता चल जाएगा कि कौन-सा गुण प्रबल है — क्या मन में स्पष्टता है (सत्त्व)? क्या लालसा है (रजस्)? या भ्रम और सुस्ती है (तमस्)?
जो व्यक्ति ज्ञान बढ़ाना चाहता है, उसे सत्त्वगुण बढ़ाना चाहिए — सात्त्विक आहार, सत्संग, अध्ययन और ध्यान से सत्त्व बढ़ता है।