अर्जुन प्रार्थना करते हैं — हे विश्वमूर्ते, हे सहस्रबाहो, मैं आपको वैसे ही देखना चाहता हूँ — किरीट, गदा और चक्र हाथ में लिए, उसी चतुर्भुज रूप में। उसी रूप में प्रकट हों।
चतुर्भुज विष्णु का परंपरागत स्वरूप है जिसे भक्त जानते हैं। अर्जुन उसी परिचित रूप की शांति माँग रहे हैं।