अर्जुन देखते हैं — सब योद्धा तेजी से आपके भयानक, दाँतों वाले मुखों में प्रवेश कर रहे हैं। कुछ दाँतों के बीच फँसे हैं और उनके सिर चकनाचूर दिखते हैं। यह दृश्य देखकर अर्जुन की आँखें भर आती हैं।
यह विश्वरूप का सबसे भयावह पल है। लेकिन यह क्रूरता नहीं — यह काल का स्वभाव है। सब कुछ अंततः समाप्त होता है।