अनंत — शेषनाग, जो विष्णु का आसन है और पृथ्वी को धारण करते हैं। नागों में सबसे प्रमुख। वरुण — जल के देवता, जो समुद्र में रहने वाले जीवों के स्वामी हैं। दोनों में परमात्मा की उपस्थिति।
पितरों में अर्यमा — पितृ-लोक के प्रमुख देव। और संयम करने वालों में यम — जो मृत्यु के देव हैं और धर्म के पालक भी। यम को यहाँ नकारात्मक नहीं, बल्कि नियंत्रण की शक्ति के रूप में देखा गया है। मृत्यु भी परमात्मा की विभूति है।