अश्वत्थ — पीपल का वृक्ष — परंपरा में बहुत पवित्र माना जाता है। कृष्ण ने पंद्रहवें अध्याय में भी अश्वत्थ वृक्ष की उपमा दी है — संसार को उलटे पीपल के रूप में। यहाँ उसे सब वृक्षों में श्रेष्ठ कहा गया है।
नारद — देवर्षि नारद जो हमेशा 'नारायण-नारायण' जपते हुए तीनों लोकों में घूमते हैं — वे भक्ति के सबसे प्रमुख प्रतीक हैं। कपिल मुनि — सांख्य दर्शन के प्रणेता। ज्ञान और भक्ति दोनों परमात्मा की विभूतियाँ हैं।