यहाँ से कृष्ण विभूतियों की सूची शुरू करते हैं। पहला वाक्य ही बड़ा — बारह आदित्यों में मैं विष्णु हूँ। आदित्य सूर्य के बारह रूप हैं जो बारह महीनों में चलते हैं। उनमें सबसे प्रमुख विष्णु हैं। फिर — सब ज्योतियों में किरणों वाला सूर्य मैं हूँ।
मरुत वायु के देवता हैं — उनमें मरीचि सबसे तेज माने जाते हैं। और नक्षत्रों में चंद्रमा। यह सूची पृथ्वी से आकाश तक फैली है — हर जगह कृष्ण का कोई न कोई रूप है। प्रकाश देने वाली हर चीज में वे हैं।