अर्जुन कहते हैं — हे जनार्दन, हमने सुना है कि जिन मनुष्यों के कुल-धर्म नष्ट हो जाते हैं, उन्हें अनिश्चित काल तक नरक में रहना पड़ता है।
यहाँ अर्जुन अपने गुरुओं और बड़ों से सुनी बातों का सहारा ले रहे हैं। जैसे बच्चों को दादा-दादी बताते हैं कि अच्छा करो तो अच्छा फल मिलता है — वैसे ही अर्जुन को बताया गया था कि कुल-धर्म का नाश करने वालों को बहुत बुरा फल भोगना पड़ता है।
'अनुशुश्रुम' — हमने सुना है — यह शब्द दर्शाता है कि अर्जुन गुरु-परम्परा का सम्मान करते हैं और जो सुना है उस पर विश्वास करते हैं।