कृष्ण कह रहे हैं — मैं तुझे ज्ञान और विज्ञान दोनों बताऊँगा। ज्ञान यानी शास्त्र की बात, और विज्ञान यानी उसे भीतर से जीकर समझना। जैसे किसान खेती की किताब पढ़े वह ज्ञान है, और खुद मिट्टी में हाथ डालकर समझे वह विज्ञान।
सबसे बड़ी बात — जिसे जानने के बाद कुछ भी जानना बाकी नहीं रहता। एक ही मिट्टी जान लो तो सारे मिट्टी के बर्तन जाने हुए। एक ही सोने को जान लो तो सारे गहने जाने हुए। वह एक परम ज्ञान यही परमात्मा का ज्ञान है।
'अशेषतः' — बिना शेष छोड़े। यह गुरु की प्रतिज्ञा जैसा है। कृष्ण वादा कर रहे हैं कि कुछ भी नहीं छुपाऊँगा।