कृष्ण अर्जुन को प्रेरणा देते हैं — यह ज्ञान जानकर ही पुराने मुमुक्षुओं ने कर्म किए और मुक्ति पाई। इसलिए तुम भी कर्म करो। यह वैसे ही है जैसे कोई बुजुर्ग कहे — हमारे दादा-परदादा ने इसी तरह खेती की और खूब फसल पाई, तुम भी उसी रास्ते पर चलो।
परम्परा का यह सहारा बड़ा सुंदर है। अकेले नई राह बनाना कठिन है, लेकिन जब पता हो कि इस रास्ते पर अनेक लोग चल चुके हैं — तो हिम्मत बनी रहती है।