कृष्ण एक सुंदर उपमा देते हैं — जैसे तेज़ हवा पानी में नाव को उड़ाकर ले जाती है, वैसे ही जब मन किसी एक इंद्रिय के पीछे चल पड़ता है, तो वह बुद्धि को हर लेता है।
यह रोज़मर्रा के जीवन में दिखता है — जब कोई स्वादिष्ट भोजन की ख़ुशबू आती है और मन उसके पीछे चल पड़ता है, तो व्यक्ति अपना डायट का निश्चय भूल जाता है। मन ने बुद्धि को 'हर' लिया।
नाव की उपमा बहुत सटीक है — नाव चाहे कितनी भी मज़बूत हो, तेज़ हवा उसे अपनी दिशा में मोड़ देती है। वैसे ही बुद्धि चाहे कितनी भी तीक्ष्ण हो, अनियंत्रित मन उसे भटका देता है।