कृष्ण कहते हैं — जो जन्मा है उसकी मृत्यु निश्चित है, और जो मरा है उसका जन्म भी निश्चित है। जो बात टाली ही नहीं जा सकती, उसके लिए शोक करना व्यर्थ है।
यह जीवन का सबसे बड़ा सत्य है — जन्म और मृत्यु एक चक्र है। जैसे दिन के बाद रात आती है और रात के बाद फिर दिन — वैसे ही जन्म के बाद मृत्यु है और मृत्यु के बाद फिर जन्म।
कृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं — जो अपरिहार्य है, जिसे कोई रोक नहीं सकता, उसके लिए शोक करना बुद्धिमानी नहीं है। अपना कर्तव्य करो।