इस श्लोक में बड़ी सरल बात कही गई है। जैसे हम रोज़ पुराने कपड़े उतारकर नए पहनते हैं, वैसे ही आत्मा पुराना शरीर छोड़कर नया शरीर धारण करती है। कपड़े बदलने से पहनने वाला नहीं बदलता — ठीक उसी तरह शरीर बदलने से आत्मा नहीं बदलती।
यह उदाहरण इसलिए सुंदर है क्योंकि यह हर किसी की समझ में आ जाता है। छोटे बच्चे भी जानते हैं कि कपड़े बदलने से इंसान वही रहता है। भगवान कृष्ण ने आत्मा जैसे गहरे विषय को इतने आसान उदाहरण से समझा दिया।
इस श्लोक में कहा गया है कि मृत्यु से डरने की ज़रूरत नहीं है। जो बदलता है वह शरीर है, आत्मा तो सदा वैसी ही रहती है — अविनाशी और शाश्वत।