गीता का अठारहवाँ अध्याय शुरू होता है अर्जुन के एक सीधे प्रश्न से। वे भगवान से पूछते हैं — संन्यास और त्याग, ये दोनों क्या हैं? दोनों का सत्य मुझे अलग-अलग बताइए। यह प्रश्न पूरे अंतिम अध्याय की नींव है।
अर्जुन ने तीन नामों से भगवान को पुकारा — महाबाहो, हृषीकेश, और केशिनिषूदन। यह दर्शाता है कि वे श्रद्धा और आग्रह दोनों के साथ पूछ रहे हैं। गीता का यह अंतिम अध्याय सारे उत्तर लेकर आता है।