भगवान कृष्ण यहाँ बताते हैं कि तीन प्रकार के लोग किसकी पूजा करते हैं। सात्त्विक लोग देवताओं की उपासना करते हैं — अर्थात वे प्रकाश, ज्ञान और कल्याण के प्रतीकों की ओर आकर्षित होते हैं।
राजसिक लोग यक्षों और राक्षसों की पूजा करते हैं। यक्ष धन और भौतिक शक्ति के प्रतीक हैं, और राक्षस बल और आक्रामकता के। जो व्यक्ति केवल धन, सत्ता और प्रभुत्व चाहता है, उसकी श्रद्धा ऐसी ही शक्तियों की ओर जाती है।
तामसिक लोग प्रेतों और भूतों की उपासना करते हैं — अर्थात वे अंधकार, भय और जड़ता से जुड़ी शक्तियों में विश्वास रखते हैं। यह वर्गीकरण हमें अपनी श्रद्धा की दिशा पहचानने में सहायता करता है।