ब्रह्म एक और अखंड है — पर प्राणियों में जैसे बँटा हुआ दिखता है। जैसे एक चाँद की परछाईं हज़ारों तालाबों में दिखे — चाँद एक ही है, पर प्रतिबिंब अलग-अलग दिखते हैं।
वह प्राणियों को धारण करने वाला है, उनका पालक है। और वही संहार करने वाला भी है, और उत्पन्न करने वाला भी। सृष्टि, पालन और संहार — तीनों उसी से हैं।