कृष्ण कहते हैं — हे भारत, मेरे इस रूप में आदित्य, वसु, रुद्र, अश्विनी कुमार और मरुद्गण — सभी देव दिखते हैं। इसके अलावा ऐसे अनेक अद्भुत दृश्य हैं जो तुमने पहले कभी नहीं देखे।
आदित्य सूर्य के बारह रूप हैं, वसु आठ हैं, रुद्र ग्यारह हैं — ये सब देव-गण एक ही विराट रूप में समाए हुए हैं।