अर्जुन प्रणाम करते हुए पूछते हैं — हे देवश्रेष्ठ, बताइए — आप इस उग्र रूप में कौन हैं? कृपा करें। मैं आपको — इस मूल रूप को — जानना चाहता हूँ। मैं आपकी यह प्रवृत्ति नहीं समझ पा रहा।
यह प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण है। अर्जुन जानते हैं यह कृष्ण हैं, लेकिन इस संहार-रूप के पीछे का कारण जानना चाहते हैं। अगले श्लोक (11.32) में कृष्ण उत्तर देंगे — 'मैं काल हूँ।'