तेरहवाँ शक्तिपीठ

कन्याश्रम

जहाँ सती का पृष्ठभाग गिरा — भारत के दक्षिणतम छोर पर
📍 कन्याकुमारी, तमिलनाडु, भारत
सती का अंग
पृष्ठभाग (पीठ)
शक्ति
सर्वाणी
भैरव
निमिष
📖 देवी भागवत पुराण, सप्तम स्कन्ध

देवी भागवत पुराण के सप्तम स्कंध में बताया गया है कि जब माता सती ने दक्ष यज्ञ में अपने प्राण त्यागे, तब भगवान शिव उनके शव को लेकर विलाप करते हुए भटकने लगे। सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को विभक्त किया। जहाँ-जहाँ सती के अंग गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए।

परंपरा में कहा गया है कि इस स्थान पर सती का पृष्ठभाग गिरा। यहाँ शक्ति सर्वाणी के रूप में और शिव निमिष भैरव के रूप में विराजित माने जाते हैं। पीठनिर्णय तंत्र में इस स्थान को इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना गया है।

देवी भागवत पुराण के अनुसार यहाँ सती का पृष्ठभाग गिरा — यहाँ शक्ति सर्वाणी और भैरव निमिष विराजित हैं।

कन्याश्रम शक्तिपीठ कन्याकुमारी, तमिलनाडु, भारत में स्थित है। परंपरा में इसे इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना जाता रहा है। यहाँ शक्ति सर्वाणी के रूप में पूजित हैं और भैरव का रूप निमिष माना गया है।

भक्त दूर-दूर से यहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि और अन्य देवी पर्वों पर यहाँ विशेष भीड़ देखी जाती है।

स्थान
कन्याकुमारी, तमिलनाडु, भारत
सती का अंग
पृष्ठभाग (पीठ)
शक्ति
सर्वाणी
भैरव
निमिष
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डे से कन्याकुमारी पहुँचा जा सकता है।
🚂
रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन से कन्याकुमारी सड़क मार्ग से जुड़ा है।
🚗
सड़क मार्ग
कन्याकुमारी सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। स्थानीय बस और टैक्सी उपलब्ध रहती हैं।
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